"डायबिटीज में कैसे रखें किडनी का ख्याल: जानिए जरूरी बातें"

"डायबिटीज में कैसे रखें किडनी का ख्याल: जानिए जरूरी बातें"

भारत में डायबिटीज एक गंभीर समस्या बन चुकी है। आंकड़े बताते हैं कि करीब 10.1 करोड़ लोग डायबिटीज और 13.6 करोड़ लोग प्री-डायबिटिक स्थिति में हैं। चिंता की बात ये है कि मधुमेह से पीड़ित हर तीन में से एक व्यक्ति को किडनी की समस्या होती है।



डायबिटीज केवल शुगर लेवल तक सीमित नहीं है, यह शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है – विशेष रूप से किडनी। अगर समय रहते किडनी की देखभाल न की जाए, तो यह किडनी फेलियर तक की नौबत ला सकता है। तो आइए समझते हैं कि डायबिटीज के दौरान किडनी की सुरक्षा कैसे की जा सकती है।



डायबिटीज और किडनी का रिश्ता

जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर लगातार अधिक रहता है, तो यह किडनी की रक्त नलिकाओं (blood vessels) को नुकसान पहुंचाता है। नतीजा – किडनी सही तरीके से रक्त को छान नहीं पाती, जिससे विषैले तत्व शरीर में जमा होने लगते हैं।

किडनी हमारे शरीर की फिल्टरिंग मशीन है, जो न सिर्फ खून साफ करती है, बल्कि ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने, तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और हार्मोन्स बनाने जैसे कई महत्वपूर्ण काम करती है।



किडनी की समस्या के शुरुआती लक्षण

डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को यदि नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो सतर्क हो जाना चाहिए:

  • पैरों, टखनों या आंखों के नीचे सूजन

  • लगातार थकान महसूस होना

  • खून की कमी (एनीमिया)

  • धुंधली दृष्टि

  • हाई ब्लड प्रेशर

  • वजन तेजी से घटना

  • पेशाब में झाग आना

डॉ. ए. एस. प्रकाश, पटना स्थित डायबिटीज सेंटर के विशेषज्ञ बताते हैं,

“अगर किसी डायबिटिक मरीज की फास्टिंग शुगर 90-130 mg/dL,
खाने के बाद शुगर 100-180 mg/dL से ऊपर है और HbA1c 7% से अधिक,
तो उसे तुरंत किडनी की नियमित जांच करानी चाहिए।”



किन लोगों को अधिक खतरा?

डायबिटीज के साथ कुछ अन्य कारक किडनी की बीमारी की आशंका को और बढ़ा देते हैं:

डिस्लिपिडेमिया: यानी कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स का उच्च स्तर
धूम्रपान
मोटापा और जेनेटिक फैक्टर
बढ़ती उम्र



कौन-से टेस्ट जरूरी हैं?

डायबिटीज के रोगियों को नियमित रूप से नीचे दिए गए टेस्ट कराते रहना चाहिए:

  1. KFT (Kidney Function Test)
  2. Serum Creatinine – किडनी की फ़िल्टरिंग क्षमता का संकेत देता है
  3. Blood Urea & Uric Acid – किडनी विषैले तत्व कितनी मात्रा में निकाल पा रही है
  4. Urine Test for Microalbumin – पेशाब में प्रोटीन का लीक होना किडनी क्षति का शुरुआती संकेत है
  5. eGFR (Estimated Glomerular Filtration Rate) – यह जांचता है कि किडनी रक्त को कितनी तेजी से छान रही है। यदि यह 90 से कम है, तो सावधान हो जाना चाहिए।


जीवनशैली और आहार में सुधार

डायबिटीज और किडनी दोनों की स्थिति में जीवनशैली बदलाव बेहद ज़रूरी हो जाता है:

शुगर कंट्रोल में रखें:

  • लो कार्ब डाइट अपनाएं

  • प्रोसेस्ड फूड, सफेद चीनी, सफेद आटा से दूरी बनाएं

  • फलों का सेवन सीमित मात्रा में करें

कम नमक का सेवन:

  • खाने में ऊपर से नमक न डालें

  • अचार, पापड़, मिक्सचर, डिब्बाबंद खाद्य से परहेज करें

प्रोटीन और पानी का संतुलन:

  • जरूरत से ज्यादा प्रोटीन किडनी पर भार डाल सकता है

  • डॉक्टर की सलाह के अनुसार प्रोटीन और पानी की मात्रा तय करें

  • शरीर में सूजन होने पर डॉक्टर कम पानी लेने की सलाह देते हैं

ये भी अपनाएं:

  • वजन नियंत्रित रखें

  • एक्सरसाइज करें – हल्की वॉक, योगा

  • ब्लड प्रेशर और लिपिड लेवल को नियमित चेक करें

  • डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयों का नियमित सेवन करें



डॉक्टर की सलाह क्यों जरूरी?

कई लोग घरेलू उपायों या इंटरनेट की सलाह पर भरोसा करके अपने आप इलाज करने लगते हैं। लेकिन किडनी और डायबिटीज जैसे मामलों में सेल्फ ट्रीटमेंट खतरनाक हो सकता है

डॉ. प्रकाश बताते हैं,

"किडनी की समस्या धीरे-धीरे बढ़ती है और शुरू में इसके लक्षण स्पष्ट नहीं होते। इसलिए साल में कम से कम दो बार KFT और अन्य जरूरी टेस्ट जरूर करवाने चाहिए।"



निष्कर्ष (Conclusion)

डायबिटीज से जुड़ी किडनी की समस्या को नज़रअंदाज़ करना आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकता है।
लेकिन सही जानकारी, नियमित जांच और जीवनशैली में थोड़े बदलाव करके आप इस खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं

याद रखिए – समय रहते चेतावनी पहचानना और उसका सही इलाज कराना ही सबसे बड़ा इलाज है।



अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1: डायबिटीज होने पर कितनी बार किडनी की जांच करवानी चाहिए?

Ans: हर 6 महीने में एक बार KFT, eGFR और यूरिन माइक्रोएल्ब्यूमिन टेस्ट कराना चाहिए।

Q2: क्या डायबिटीज वाले सभी मरीजों को किडनी की समस्या होती है?

Ans: नहीं, लेकिन यदि शुगर और ब्लड प्रेशर लंबे समय तक अनियंत्रित रहे तो किडनी प्रभावित हो सकती है

Q3: क्या किडनी की समस्या में प्रोटीन खाना चाहिए?

Ans: डॉक्टर की सलाह अनुसार सीमित मात्रा में प्रोटीन लें। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन किडनी पर दबाव डाल सकता है।

Q4: क्या किडनी खराब होने पर लक्षण तुरंत दिखाई देते हैं?

Ans: नहीं, शुरुआत में कोई खास लक्षण नहीं होते। इसीलिए नियमित जांच जरूरी है।

Q5: क्या केवल डाइट से किडनी की रक्षा की जा सकती है?

Ans: डाइट के साथ-साथ नियमित दवा, जांच, और लाइफस्टाइल सुधार भी जरूरी है।



डिस्क्लेमर: यह ब्लॉग केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी या लक्षण की पुष्टि या इलाज के लिए डॉक्टर की सलाह अनिवार्य है।


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