यूरिक एसिड का बढ़ना: एक नजरअंदाज़ की गई परेशानी जो बड़ा संकट बन सकती है
यूरिक एसिड शरीर में बनने वाला एक प्राकृतिक तत्व है। लेकिन जब इसका स्तर बढ़ जाता है, तो यह धीरे-धीरे शरीर के कई अंगों पर असर डालता है — खासकर गुर्दों, जोड़ों और दिल पर। अच्छी बात यह है कि सही जानकारी, खानपान और जीवनशैली में बदलाव के ज़रिए इसे काबू में रखा जा सकता है।
यूरिक एसिड क्या होता है और यह क्यों बढ़ता है?
यूरिक एसिड शरीर का सामान्य अपशिष्ट उत्पाद है, जो तब बनता है जब हमारा शरीर प्यूरिन नामक तत्व को तोड़ता है — जो कुछ खाद्य पदार्थों में पाया जाता है — तब यूरिक एसिड बनता है। सामान्यतः यह रक्त में घुलकर किडनी के ज़रिए शरीर से बाहर निकल जाता है। लेकिन जब यह प्रक्रिया गड़बड़ाने लगे, तो यूरिक एसिड बढ़ने लगता है — इसे medically हाइपरयूरिसीमिया कहा जाता है।
डॉ. रितेश शर्मा, निदेशक, नेफ्रोलॉजी विभाग, एशियन हॉस्पिटल के अनुसार,
"जब यूरिक एसिड जरूरत से ज्यादा बनने लगता है या शरीर उसे ठीक से बाहर नहीं निकाल पाता, तो यह जोड़ों में क्रिस्टल्स की तरह जमा होने लगता है। इससे गठिया, किडनी स्टोन और यहां तक कि किडनी फेलियर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।"
बढ़ा यूरिक एसिड: कारण
आमतौर पर यह समस्या निम्न कारणों से होती है:
- मांस, मछली, फलियां, शराब, मीठे पेय
पदार्थों का
अधिक सेवन।
- मोटापा या
शारीरिक निष्क्रियता।
- अनुवांशिकता - यदि परिवार
में कभी
किसी को
यह समस्या
रही हो।
- कुछ दवाइयाँ
जो शरीर
से यूरिक
एसिड निकालने
में बाधक
हों।
- लंबी बीमारी
या कीमोथेरेपी/रेडिएशन।
- अत्यधिक स्ट्रेस,
पौष्टिक तत्वों
की कमी
या असंतुलित आहार।
कैसे जानें कि शरीर में यूरिक एसिड बढ़ा है?
लक्षण दिखें या न दिखें, यूरिक एसिड की जांच सिर्फ ब्लड टेस्ट से ही संभव है। अगर आपका परिवारिक इतिहास, लाइफस्टाइल या आहार में जोखिम कारक हैं तो नियमित जांच ज़रूर कराएं।
यूरिक एसिड का सामान्य स्तर कितना होना चाहिए?
यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण और खतरे
यूरिक एसिड के मुख्य लक्षण
शुरु में यूरिक एसिड के लक्षण नजर नहीं आते, लेकिन जैसे-जैसे इसका स्तर बढ़ता है, शरीर इन्हें जाहिर करने लगता है:
- अचानक होने वाला तेज दर्द, विशेषकर उंगलियों, घुटनों या पैरों में।
- जोड़ों में सूजन, लालिमा और गर्माहट, जिसे गाउट भी कहते हैं।
- पैर, टखनों और उंगलियों में चलने-फिरने पर तकलीफ।
- बार-बार थकान, कमजोरी और आलस्य।
- त्वचा के नीचे कठोर गांठ (टॉफी) बनना या लगातार खुजली, जलन।
- किडनी स्टोन - पेशाब में दर्द, बार-बार पेशाब आना या खून आना।
- मूत्र में जलन, पीठ या पेट में गंभीर दर्द।
- कुछ मामलों में जी मिचलाना या भूख कम लगना।
यूरिक एसिड बढ़ने के खतरे
बिना समय पर इलाज के बढ़ा यूरिक एसिड निम्न गंभीर स्थितियों को जन्म दे सकता है:
किडनी पर असर
यूरिक एसिड बढ़ने से किडनी स्टोन बनने का खतरा बढ़ता है। समय पर ध्यान न देने पर किडनी फेलियर भी हो सकता है।
❤️ दिल की बीमारी
यह हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित कर सकता है, जिससे दिल की धमनियों में सूजन और अवरोध बढ़ सकता है।
⚖️ मोटापा और डायबिटीज
हाई यूरिक एसिड मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करता है, जिससे वजन बढ़ता है और इंसुलिन रेसिस्टेंस हो सकती है।
त्वचा संबंधी दिक्कतें
खुजली, रैशेज़, लाल चकत्ते और त्वचा के नीचे टोफी नाम की गांठें बन सकती हैं।
यूरिक एसिड को नियंत्रित कैसे करें?
1.खानपान में बदलाव करें
-
इन चीजों से परहेज करें: रेड मीट, सी-फूड, शराब, अधिक मीठे खाद्य पदार्थ, बेकरी आइटम
-
इन्हें अपनाएं: हरी सब्जियां, ताजे फल, दालें, साबुत अनाज, नींबू पानी, नारियल पानी
2.पानी ज़रूर पिएं
दिनभर में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं ताकि यूरिक एसिड शरीर से बाहर निकल सके।
3.नियमित व्यायाम करें
-
हर दिन 30 मिनट की वॉक या हल्का योग
-
वजन नियंत्रित रखें, क्योंकि मोटापा यूरिक एसिड को बढ़ाता है
4.नशे से दूरी बनाए रखें
शराब और धूम्रपान यूरिक एसिड को सीधे प्रभावित करते हैं। जितना हो सके इनसे बचें।
5.नींद पूरी करें और तनाव कम करें
तनाव और नींद की कमी शरीर की चयापचय प्रक्रियाओं को बिगाड़ सकती है।
क्या दवा ज़रूरी है?
यदि आपका यूरिक एसिड बहुत अधिक है या गठिया के लक्षण स्पष्ट रूप से दिख रहे हैं, तो डॉक्टर दवाएं जैसे Allopurinol या Febuxostat दे सकते हैं। कभी-कभी Anti-inflammatory दवाएं भी दी जाती हैं। दवा कभी भी डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू न करें।
निष्कर्ष: सतर्क रहें, स्वस्थ रहें
यूरिक एसिड एक ऐसा तत्व है जिसे आप महसूस नहीं कर सकते, लेकिन अगर इसे नज़रअंदाज़ किया जाए तो यह धीरे-धीरे आपकी सेहत को खोखला कर सकता है। यूरिक एसिड कोई साधारण समस्या नहीं है। इसकी अनदेखी भयानक स्थायी जटिलताएं उत्पन्न कर सकती है, खासकर अगर समय रहते जांच और उपचार न किया जाए। स्वस्थ जीवनशैली, जागरूकता, संतुलित आहार और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपायों को अपनाकर ही इसे नियंत्रित किया जा सकता है। आपका छोटा सा कदम जीवनभर की राहत दे सकता है।
अच्छी बात यह है कि आप इसे समझदारी से काबू में रख सकते हैं।
खानपान सुधारें, समय पर जांच कराएं, और डॉक्टर से संपर्क में रहें। क्योंकि सेहत वही है, जो संतुलित हो।
FAQs – यूरिक एसिड से जुड़ी सामान्य जिज्ञासाएं
Q1: क्या यूरिक एसिड हमेशा गठिया बनाता है?
नहीं। सभी हाई यूरिक एसिड वाले लोगों को गठिया नहीं होता, लेकिन यह जोखिम जरूर बढ़ा देता है।
Q2: क्या महिलाएं भी इससे प्रभावित होती हैं?
हां। हालांकि पुरुषों में इसकी संभावना अधिक होती है, लेकिन पोस्टमेनोपॉज़ के बाद महिलाओं में भी यह तेजी से बढ़ता है।
Q3: क्या सिर्फ दवाओं से यह काबू में आ सकता है?
दवाएं एक तरीका हैं, लेकिन खानपान और जीवनशैली सुधार के बिना इनका असर सीमित हो सकता है।
Q4: क्या घरेलू उपाय मदद करते हैं?
कुछ हद तक, हां। जैसे नींबू पानी, अजवाइन पानी, फाइबर युक्त भोजन। लेकिन ये डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं हैं।
Q5: क्या यूरिक एसिड का बढ़ना जानलेवा हो सकता है?
सीधे नहीं, लेकिन यह किडनी फेलियर, दिल की बीमारी या गठिया जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है।

%20(1).jpeg)